1962 हेल्पलाइन महज खाना पूर्ति एम्बुलेंस सड़क किनारे खड़ी कर कार्मिक करते है टाइमपास

भीलवाड़ा समाचार खजूरी सत्येंद्र दाधीच
दुर्घटना, आपात स्थिति या बीमारी में मदद को तरस रहे किसी भी पशु, पक्षी को देख टाेल फ्री नंबर 1962 डायल करते ही उपचार के लिए एम्बुलेंस और टीम पहुंचने के सरकारी दावे जहाजपुर क्षेत्र में  महज खाना पूर्ति नजर आ रहे है 
कैंप के नाम पर एम्बुलेंस को सड़क किनारे खड़ी कर एम्बुलेंस के उपस्थित कार्मिक मोबाइल में लूडो गेम खेलते नजर आते है 


राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को घर बैठे चिकित्सा मुहैया कराने के लिए प्रदेश में 536 मोबाइल एम्बुलेंस का संचालन किया का रहा है 
 पशु एंबुलेंस सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सेवाएं प्रदान करेगी, जिसमें एक डॉक्टर, एक वाहन चालक, एक हेल्पर रहेगा। आकस्मिक चिकित्सा सेवा 3 घंटे के भीतर प्रदाय करेगी।
पर सरकार का ये दावा जहाजपुर क्षेत्र में खोखला साबित हो रहा है 
मंगलवार को जहाजपुर काछोला मार्ग पर गौदान का बाड़ा गांव में एक पशु एम्बुलेंस सड़क किनारे खड़ी नजर आई जिसमे पीछे बैठे तीन कार्मिक अपने मोबाइल में लूडो खेलते नजर आए 
पशु चिकित्सा अधिकारी शैतान सिंह ने बताया कि पशु एंबुलेंस का कार्य हर गांव में कैंप आयोजित करने का है मंगलवार को गौदान का बाड़ा में कैंप लगाना था कैंप में कार्मिकों को घर घर जाकर आमजन को हेल्पलाइन 1962 के बारे के बताना और एम्बुलेंस उपलब्ध इलाज और दवाइयों की जानकारी देनी होती है 

विभाग के इस दावे के उलट मौके पर कार्मिक एंबुलेंस को सड़क किनारे लगा लूडो खेल समय व्यतीत करते नजर आए

- 1962 पर नही लगता फोन दो दिन तक बीमार पड़ा रहा  - हेल्पलाइन नंबर 1962 पर भी फोन नही लगता बांकरा के सांवरा, गोपाल, और राधेश्याम ने बताया कि पशुधन संजीवनी हेल्पाइन नंबर 1962 पर कभी भी फोन नही लगता 4 दिन पहले एक गौवंश सड़क पर बीमार अवस्था में पड़ा रहा 1962 पर फोन भी लगाया पर नहीं लगा और का ही मोबाइल एंबुलेंस पहुंची गौवश 2 दिन तक बीमार अवस्था में ही पड़ा रहा